PM आवास योजना में रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, रोजगार सहायिका बर्खास्त, शिक्षक पति सस्पेंड

रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में रिश्वतखोरी के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत हिनौतिया खालसा की रोजगार सहायिका रूकमणि पटेल को नौकरी से हटा दिया गया, जबकि उनके शिक्षक पति लक्ष्मण सिंह गुर्जर को निलंबित कर दिया गया है।
सीएम हेल्पलाइन पर हुई थी शिकायत
पीड़ित जगमोहन लोधी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि रोजगार सहायक के पति ने पीएम आवास स्वीकृति के लिए 28,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसमें 25,000 रुपये आवास की स्वीकृति और 3,000 रुपये शौचालय निर्माण भुगतान के लिए मांगे गए थे।
आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई
जिला पंचायत CEO अंजू पवन भदौरिया ने मामले की जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद—
✔ रोजगार सहायिका रूकमणि पटेल की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
✔ उनके पति लक्ष्मण सिंह गुर्जर, जो प्राथमिक शाला झामर में शिक्षक हैं, को निलंबित कर दिया गया।
तेजी से हुआ एक्शन: 26 मार्च को शिकायत, 28 मार्च को कार्रवाई
पीड़ित ने 26 मार्च 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद 28 मार्च को मामले की समीक्षा हुई और अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया।
यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है, जहां रिश्वत मांगने वालों को तुरंत दंडित किया गया।