महाराणा प्रताप महाविद्यालय गाडरवारा के स्टाफ ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

गाडरवारा, 25 मार्च: महाराणा प्रताप शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रोफेसर एवं कर्मचारियों ने फीस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गाडरवारा के नाम तहसीलदार प्रियंका नेताम को ज्ञापन सौंपा।
क्या है मामला?
22 मार्च 2025 को पुलिस प्रशासन ने महाविद्यालय में कार्यरत वीरेंद्र कुमार पवार (सहायक ग्रेड-03) को पुलिस अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी वैभव जैन, जो एक निजी साइबर कैफे का संचालन करता है, ने कॉलेज के छात्रों को नकली फीस रसीदें जारी कीं और छात्रों की फीस राशि का गबन किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वैभव जैन के मौखिक बयान के आधार पर वीरेंद्र कुमार पवार को हिरासत में लिया गया है।
स्टाफ का आरोप: निर्दोष व्यक्ति को फंसाया जा रहा है
महाविद्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि वीरेंद्र कुमार पवार पहले से ही इस घोटाले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों और प्राचार्य से कर रहे थे। उनका दावा है कि पवार ने ही इस घोटाले का खुलासा किया था, लेकिन अब मुख्य आरोपी वैभव जैन द्वारा द्वेषभावना के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।
निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन सौंपते समय महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि वास्तविक दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
इस प्रकरण को लेकर गाडरवारा के शिक्षावर्ग और छात्रों में भी चर्चा बनी हुई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।