नर्मदा मैया के श्रृंगार के लिए धूनी में चढ़ाए लाखों के स्वर्ण आभूषण, श्रद्धालु हुए अचंभित

कमलेश अवधिया साईंखेड़ा
साईखेड़ा: नगर साईखेड़ा में आयोजित 21 दिवसीय चैत्र नवरात्रि महोत्सव में धार्मिक भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब स्वामी शिवानंद जी महाराज के सानिध्य में जलती हुई धूनी में लाखों रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण समर्पित किए गए। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और इस अद्भुत घटना को देखकर अचंभित रह गए।
धूनी में चढ़ाए गए लाखों के आभूषण
22 मार्च को स्वामी शिवानंद जी महाराज ने नर्मदा मैया के श्रृंगार के लिए जलती धूनी में सोने का हार, मंगलसूत्र, कंगन, बेंदी, नथनी और बालियाँ समर्पित कीं। इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग सात लाख रुपये बताई जा रही है। आने वाले दिनों में और भी लाखों के स्वर्ण आभूषण धूनी में चढ़ाने की योजना है। इस घटना को देख श्रद्धालु आश्चर्यचकित रह गए।
भव्य आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
साईखेड़ा के आनंद भवन में 19 मार्च से 27 मार्च तक चल रहे इस महोत्सव में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसे पंडित केशव गिरी महाराज द्वारा सुनाया जा रहा है। कथा में भगवान भोलेनाथ, नर्मदा मैया और दादाजी धूनी वाले की लीलाओं का वर्णन किया जा रहा है। कथा के दौरान ढोल-मंजीरों की धुन पर भक्त झूम उठते हैं और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब जाता है।
शहर के ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार की अपील
कथा के पांचवें दिन स्वामी शिवानंद महाराज ने नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों से नरहरियानंद तालाब के जीर्णोद्धार की अपील की। उन्होंने बताया कि यह तालाब संत नरहरियानंद महाराज द्वारा खुदवाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने नर्मदा मैया को पापनाशिनी बताते हुए श्रद्धालुओं से इस पवित्र नदी की सेवा और परिक्रमा का महत्व भी समझाया।
रोजाना होने वाली भव्य आरती और भंडारे में उमड़ रही भीड़
हर दिन रात्रि में नर्मदा मैया और दादाजी धूनी वाले की भव्य पूजन-आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें ढोल-नगाड़ों और मंजीरों की धुन पर श्रद्धालु झूमते हैं। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां सभी जाति-समाज के लोग बिना भेदभाव के एक पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
धूनी में आहुति में समर्पित की जा रही कीमती सामग्री
स्वामी शिवानंद महाराज द्वारा हवन सामग्री में भी बड़ी मात्रा में महंगे पदार्थों जैसे—काजू, किशमिश, बादाम, नारियल, शक्कर, अखरोट, लौंग, इलायची और कई लीटर घी के साथ-साथ स्वर्ण आभूषण भी धूनी में अर्पित किए जा रहे हैं। पूरा परिसर “भज लो दादा जी नाम, भजो हरिहर जी नाम” के जयकारों से गूंज उठता है।
आयोजन की नगरवासियों ने की सराहना
इस विशाल आयोजन को नगरवासियों और क्षेत्रवासियों ने धार्मिक आस्था का अद्भुत उदाहरण बताया है। इस महोत्सव में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। साईखेड़ा को संतों की भूमि बताते हुए महाराज ने इस आयोजन को धर्म, भक्ति और समरसता का प्रतीक बताया।
श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम
स्वामी शिवानंद महाराज का यह आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनूठा संगम बन गया है, जहां हजारों भक्त रोजाना नर्मदा मैया और दादाजी धूनी वाले की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।