इंदौर की गलियों में “डॉक्टर” बना चोर, नरसिंहपुर पुलिस बनी मरीज, हुआ पर्दाफाश
नरसिंहपुर 42 लाख रुपये कीमत की एक्स-रे मशीन चोरी करने वाला शातिर आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस ने मरीज बनकर पकड़ा, पूरा मशरूका बरामद

नरसिंहपुर, 5 अप्रैल 2025: जिले की स्टेशनगंज थाना पुलिस ने मेडिकल उपकरणों की बड़ी चोरी की गुत्थी को चौंकाने वाले अंदाज़ में महज़ 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। लगभग 42 लाख रुपये मूल्य की डिजिटल एक्स-रे मशीनें और संबंधित उपकरण चुराने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने फिल्मी अंदाज़ में पकड़ा — मरीज बनकर जाल बिछाया गया और आरोपी उसी में फँस गया।
चोरी की वारदात: विश्वासघात बना कारण
फरियादी उमेश कुमार पिता नेतराम गेहलवार निवासी जाटखेड़ी, भवानी नगर, मिसरोद (भोपाल) ने थाना स्टेशनगंज, नरसिंहपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी कंपनी ने टी.बी. विभाग नरसिंहपुर में डिजिटल एक्स-रे मशीनें किराये पर स्थापित की थीं। इस कार्य के लिए उन्होंने अपने स्टाफ के साथ दो पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीनें, दो एलजी कंपनी की बैटरी, दो एक्स-रे डिटेक्टर, दो कंट्रोलर बॉक्स, दो लैपटॉप और आठ कनेक्टिंग केबल्स लगाए थे। इन सभी उपकरणों की अनुमानित कीमत लगभग 42 लाख रुपये है।
उमेश कुमार के अनुसार, उनके साथ काम करने वाला कर्मचारी प्रकाश मावी (पुत्र सावा सिंह मावी), निवासी उतावा, थाना चलनी माता, जिला धार, अचानक सभी उपकरण चोरी कर फरार हो गया।
एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई
रिपोर्ट मिलते ही थाना स्टेशनगंज में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 309/2025 धारा 331 (1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामला बड़े आर्थिक नुकसान से जुड़ा था, इसलिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।
तकनीक, मुखबिर और चालाकी का इस्तेमाल
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी प्रकाश मावी वर्तमान में इंदौर के धार रोड स्थित बैटमा दिगडान और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल एक्स-रे सेवा देने के नाम पर सक्रिय है। पुलिस ने योजना बनाकर एक टीम को इंदौर रवाना किया।
टीम के कुछ सदस्यों ने मरीज का भेष धारण किया और आरोपी से संपर्क किया, जिससे उसे किसी तरह का शक न हो। जैसे ही आरोपी ने अपनी पहचान उजागर की, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे 4 अप्रैल 2025 को धर दबोचा।
100% मशरूका बरामद: चोरी का सारा सामान मिला वापस
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि चोरी किए गए सारे उपकरण उसने इंदौर के धार रोड पर स्थित अपने किराए के घर में छिपाकर रखे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे उपकरणों को बरामद किया:
- 2 पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन
- 2 एलजी कंपनी की बैटरी
- 2 एक्स-रे डिटेक्टर
- 2 कंट्रोलर बॉक्स
- 2 लैपटॉप
- 08 कनेक्टिंग केबल
बरामद किए गए सभी उपकरणों की कीमत कुल मिलाकर लगभग 42 लाख रुपये आँकी गई है।
जांच में जुटी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन
इस कार्रवाई को सफल बनाने में निम्न पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
- निरीक्षक रत्नाकर हिगवे
- उप निरीक्षक पन्ना लाल पाल
- सहायक उप निरीक्षक विजय पटेल
- प्रधान आरक्षक गजराज
- आरक्षक अंकित विश्वकर्मा
- आरक्षक यशराज सिंह
- साइबर सेल से महिला आरक्षक कुमुद पाठक
- आरक्षक लक्ष्मी नागपुरे
इनकी सतर्कता, सूझबूझ और योजनाबद्ध कार्रवाई के चलते इस बड़े अपराध का खुलासा संभव हो सका और सरकारी-निजी साझेदारी के तहत लगे महत्वपूर्ण मेडिकल संसाधनों को समय रहते बचा लिया गया।