अब ट्रेन में सामान ढोने की नहीं मिलेगी छूट! रेलवे ने तय की लगेज की लिमिट, नियम तोड़े तो भरना होगा जुर्माना

नई दिल्ली | अप्रैल 2025 अगर आप भी ट्रेन से सफर करने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने अब यात्रियों के लिए लगेज (सामान) की सीमा तय कर दी है। 1 अप्रैल 2025 से लागू हुए इस नए नियम के तहत हर क्लास के अनुसार अलग-अलग लगेज लिमिट होगी। तय सीमा से ज़्यादा सामान ले जाने पर जुर्माना देना पड़ सकता है।
हर क्लास के लिए अलग सीमा
रेलवे के अनुसार अब फर्स्ट एसी से लेकर जनरल क्लास तक हर श्रेणी के यात्रियों को तय लिमिट में ही सामान ले जाने की अनुमति होगी। यदि कोई यात्री तय सीमा से अधिक सामान लेकर यात्रा करता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना होगा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
फर्स्ट एसी: 70 किलो तक मुफ्त
- फर्स्ट एसी के यात्रियों को 70 किलोग्राम तक का सामान मुफ्त में ले जाने की अनुमति है।
- एसी टू-टियर में यह सीमा 50 किलो है।
- एसी थ्री-टियर और स्लीपर क्लास में 40 किलो तक सामान ले जा सकते हैं।
जनरल क्लास: सिर्फ 35 किलो
जनरल डिब्बों और सेकंड सिटिंग क्लास के यात्रियों को अब सिर्फ 35 किलो तक सामान ले जाने की छूट मिलेगी। यह सबसे कम लिमिट है और इस सीमा से अधिक वजन पर जुर्माना लग सकता है।
सीमा पार की तो क्या होगा?
यदि कोई यात्री तय लिमिट से ज़्यादा सामान लेकर चलता है तो उसे लगेज वैन में सामान भेजने की सलाह दी जाती है। वहीं यदि बिना सूचना दिए अतिरिक्त वजन लेकर यात्रा की जाती है तो रेलवे डेढ़ गुना तक जुर्माना वसूल सकता है। मसलन, अगर दर 10 रुपये प्रति किलो है तो जुर्माना 15 रुपये प्रति किलो देना होगा।
सिर्फ वजन नहीं, आकार भी मायने रखता है
रेलवे केवल वजन ही नहीं, बल्कि सामान के आकार पर भी नज़र रखता है। यात्री को 100 सेमी x 60 सेमी x 25 सेमी (लंबाई x चौड़ाई x ऊंचाई) आकार तक के ही सूटकेस, ट्रंक या बैग ले जाने की अनुमति है। इससे बड़े आकार के सामान को भारी सामान की श्रेणी में रखा जाएगा।
नया नियम यात्रियों की सहूलियत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। अगर आप ट्रेन से लंबी दूरी का सफर करने वाले हैं, तो यात्रा से पहले अपने सामान का वजन और आकार जरूर जांच लें ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।